गया पुलिस, सीआरपीएफ और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में शनिवार, 1 फरवरी को दस साल से फरार कुख्यात नक्सली सुमेश यादव उर्फ सुनेश यादव और सदाम मियां को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि कई मामलों में वांछित नक्सली सुमेश यादव डुमरिया थाना क्षेत्र के महुलनिया गांव में छिपा हुआ है। सत्यापन के बाद डुमरिया और छकरबंधा थाना पुलिस ने सीआरपीएफ व एसटीएफ के साथ मिलकर छापेमारी की। इस दौरान पुलिस को देखते ही सुमेश यादव भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन उसे घेराबंदी कर पकड़ लिया गया। गया पुलिस ने बताया कि पूछताछ में उसने अपना नाम सुमेश यादव उर्फ सुनेश यादव, पिता प्रसादी यादव, निवासी महुलनिया, थाना छकरबंधा, जिला गया बताया।
सुमेश यादव की निशानदेही पर पुलिस ने ग्राम सलैया में छापेमारी कर नक्सली सदाम मियां उर्फ सदाम हुसैन, पिता इंसान मियां, निवासी सलैया, थाना डुमरिया, जिला गया को गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि दोनों नक्सली 2014 में डुमरिया थाना क्षेत्र में हुई एक बड़ी हत्या कांड में शामिल थे। उस घटना में करीब 10 नक्सलियों ने एक व्यक्ति का अपहरण कर उसकी गोली मारकर हत्या कर दी थी और शव को जंगल में फेंक दिया था। इस मामले में डुमरिया थाना में केस दर्ज किया गया था, जिसमें दोनों की संलिप्तता पाई गई थी। इस कांड में पहले भी एक नक्सली को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस अन्य फरार अपराधियों और नक्सलियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस ने बताया कि दोनों नक्सलियों की गिरफ्तारी में शामिल अधिकारियों और जवानों को पुरस्कृत किया जाएगा।
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